ये तो हुई उनकी कहानियों में अलग अलग प्रकार के पात्रों की मौजूदगी की बात। लेकिन मार्केज किरदारों को सिलेक्ट कैसे करते हैं ?
इस बात को जानने के लिए मैंने इस संग्रह की कहानियों को वर्गीकृत किया।
इस बात को जानने के लिए मैंने इस संग्रह की कहानियों को वर्गीकृत किया।
- ठीक छह बजे रेस्टोरेंट के भीतर कदम रखती कोई स्त्री
- मैं तो बस फोन करने आयी
- मैं सपने बेचती हूँ
- बर्फ में जमी तुम्हारे लहू की लकीर -
- ट्रामोंटाना
- तपती दुपहर में सुस्ताता मंगलवार
- मिस फ़ोर्ब्स के ग्रीष्म के सुहावने दिन -ये कहानियां दुखांत हैं।
एलिवेटर से उतरते सत्रह शव
सोई सुंदरी की हवाई उड़ान
विशाल पंखों वाला अत्यंत बूढा आदमी
मारिया दोस प्राजेरेज़
सफर सुहावना रहा ,मिस्टर प्रेजिडेंट -ये कहानियां सुखांत है।
प्रकाश पानी समान है ,संत -न सुखांत ,न दुखांत।
इन कहानियों को पढ़कर ,इनके पात्रों के बारे में एक बात जो सबसे ज्यादा आकर्षित करती है वह है इनकी अदम्य जिजीविषा .
मार्केज को अदम्य जिजीविषा वाले ,सजीव ,जिंदादिल किरदार पसंद आते हैं। contd