Wednesday, August 31, 2016

मार्केज -5

ये तो हुई उनकी कहानियों में अलग अलग प्रकार के पात्रों की मौजूदगी की बात। लेकिन मार्केज किरदारों को सिलेक्ट कैसे करते हैं ?
इस बात को जानने के लिए मैंने इस संग्रह की कहानियों को वर्गीकृत किया।

  1. ठीक छह बजे रेस्टोरेंट के भीतर कदम रखती कोई स्त्री 
  2. मैं तो बस फोन करने आयी 
  3. मैं सपने बेचती हूँ 
  4. बर्फ में  जमी तुम्हारे लहू की लकीर -   
  5.  ट्रामोंटाना 
  6. तपती  दुपहर में सुस्ताता मंगलवार 
  7. मिस फ़ोर्ब्स के ग्रीष्म के सुहावने दिन  -ये कहानियां दुखांत हैं।
पानी में डूब  मरा हुआ संसार का परम सुन्दर आदमी
एलिवेटर से उतरते  सत्रह शव 
सोई सुंदरी की हवाई उड़ान 
विशाल पंखों वाला अत्यंत बूढा आदमी 
मारिया दोस प्राजेरेज़ 
सफर सुहावना रहा ,मिस्टर प्रेजिडेंट -ये कहानियां सुखांत है। 
प्रकाश पानी समान है ,संत   -न सुखांत ,न दुखांत। 
इन कहानियों को  पढ़कर ,इनके पात्रों के बारे में एक बात जो सबसे ज्यादा आकर्षित करती है वह है इनकी अदम्य जिजीविषा  . 
मार्केज  को अदम्य जिजीविषा वाले ,सजीव ,जिंदादिल किरदार पसंद आते हैं। contd

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